śloka 3-21

गुरुशुक्रौ विप्रवर्णौ कुजार्कौ क्षत्रियौ द्विज।
शशिसोम्यौ वैश्यवर्णौ शनिः शूद्रो द्विजोत्तम्॥ २१॥
guruśukrau vipravarṇau kujārkau kṣatriyau dvija |
śaśisomyau vaiśyavarṇau śaniḥ śūdro dvijottam || 21||